शिकायतकर्ता राम वर्ण मिश्रा के अनुसार ग्राम पंचायत सेमरिहा में प्रमिला यादव के घर से रामसुंदर यादव के घर तक सड़क निर्माण कार्य कराया गया था। उनका कहना है कि इस निर्माण कार्य के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री उन्होंने उपलब्ध कराई थी। सामग्री की आपूर्ति के बाद सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो गया, लेकिन पंचायत द्वारा उनके भुगतान की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। उन्होंने दावा किया है कि निर्माण सामग्री के एवज में उन्हें कुल 3 लाख 45 हजार रुपये की राशि प्राप्त होना शेष है।
राम वर्ण मिश्रा ने बताया कि भुगतान के लिए उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत स्तर पर संपर्क किया और संबंधित अधिकारियों से अनुरोध भी किया, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन दिया गया। उनका आरोप है कि लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री की व्यवस्था उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पर की थी और समय पर भुगतान नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत सरपंच एवं सचिव के द्वारा उनके भुगतान में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार आवेदन और मौखिक आग्रह के बावजूद भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने कमिश्नर कार्यालय शहडोल से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
राम वर्ण मिश्रा का कहना है कि स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें उच्च स्तर पर शिकायत करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कमिश्नर कार्यालय इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करेगा और शीघ्र उचित कार्यवाही सुनिश्चित करेगा।
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में भी चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति ने पंचायत के निर्माण कार्य में सामग्री उपलब्ध कराई है और उसका भुगतान वैधानिक रूप से देय है, तो उसका भुगतान समय पर किया जाना चाहिए। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है, ताकि पंचायत व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कायम रहे।
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य से संबंधित सभी अभिलेखों, सामग्री आपूर्ति के दस्तावेजों, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड तथा वित्तीय विवरणों की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा है कि जांच के आधार पर यदि उनका दावा सही पाया जाता है तो उनकी लंबित 3 लाख 45 हजार रुपये की राशि का तत्काल भुगतान कराया जाए और भुगतान में विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी आवश्यक कार्यवाही की जाए।
फिलहाल इस मामले में ग्राम पंचायत सेमरिहा अथवा सरपंच सचिव का पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कमिश्नर कार्यालय शहडोल शिकायत पर क्या निर्णय लेता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं,2024 में पूर्व सचिव के द्वारा सचिव वित्तीय प्रभार में सूची में संलग्न किया गया बिल वर्तमान सचिव को दिया गया था और बताया गया था की सीसी रोड निर्माण का भुगतान 345000 शेष है जो की आपके द्वारा करवाया जाए लेकिन आज दिनांक तक सरपंच सचिव द्वारा भुगतान नहीं करवाया गया है, प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शिकायतकर्ता न्याय, लंबित भुगतान और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर प्रशासन की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं।





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