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कुम्हारी गांव के रोजगार सहायक की सीईओ जिला पंचायत से हुई शिकायत




शहडोल। जिले के जनपद पंचायत बुढार अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कुम्हारी की महिला सरपंच ने जिला पंचायत कार्यालय पहुंचकर सीईओ से पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक के खिलाफ वित्तीय अनियमितता सहित अन्य गंभीर मामलों को लेकर शिकायत की है। सरपंच चम्पी बाई ने संबंधित शिकायत करते हुए लिखित पत्र में बताया है कि, पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक बालमुकुंद शुक्ला इसी ग्राम पंचायत कुम्हारी के निवासी हैं, की मनमानी कार्यशाली और तानाशाही चरम पर है। जिसके चलते ग्राम विकास के कार्य अटके हुए हैं, तो वहीं ग्रामीणों को भी काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

समय पर नहीं आते, करते हैं अभद्रता

उन्होंने रोजगार सहायक पर आरोप लगाते हुए बताया है कि, वह कभी भी समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं होते। लगभग प्रतिदिन ही वह दोपहर 2:00 बजे के आसपास ही उपस्थित होते हैं। जिसके कारण शासकीय एवं आम जनों के कार्य समय से नहीं हो पाते हैं। पंचायत से संबंधित किसी भी प्रकार के कामों की जानकारी या उन कार्यों के संबंध में पूछने पर बिना कारण वह वाद विवाद एवं अभद्रता करते हैं। एक-दो बार तो मेरे पति के साथ भी गाली देते हुए मारपीट करने तक के लिए उतारू हो गए थे।

मजदूरों के खाते में राशि डाली, फिर निकाली

मनरेगा के कार्यों में प्रारंभ करने की जानकारी नहीं दी जाती है। मजदूरों द्वारा कार्यों का मांग पत्र नहीं लिया जाता। मास्टर रोल पर हस्ताक्षर नहीं कराये जाते व टी.एस. की कॉपी फाइल भ्रामक निकाली जाती है और कहकर टाल दी जाती है कि, ऐसा ही निकलता है। इन्होंने बीते वर्ष में कुछ मजदूरों के खाते में एक मुस्त राशि (11-11 हजार) डालकर निकाली ली है। इतना ही नहीं पैसा लेकर पी.एम. आवास के हितग्राहियों का आवास पूर्ण हुए बिना ही पूर्णता भेजी गई है। जैसे कि, सुखलाल पिता जगदीश चौधरी, बृजलाल/ददिया चौधरी, रामसजीवन/टनटइया, ललुआ/चन्द्रिका जोगी, गनपत/सेमलू प्रजापति आदि।

लाखों रूपए का किया वारा न्यारा

डगवेल निर्माण.. बब्बी सिंह/परदेसिया, सुभाष/मुरलीधर, पूजा सिंह/पुष्पराज सिंह, सभी निवासी ग्राम बरतर के कार्यों में कुम्हारी ग्राम के मजदूरों का नाम डालकर राशि निकाल कर भक्षण कर ली गई है। जबकि, वास्तव में जिनका नाम डाला गया है, वे कमी काम पर आये ही नहीं। इन्होंने वर्ष 2018-19 में सांस्कृतिक मंच निर्माण कार्य बरतर का डेढ़ लाख रूपए, अपने सचिवीय प्रभार के समय निकालकर भक्षण कर लिया और काम आज भी अपूर्ण है। वर्ष 2020-21 में ये प्रभार पर नहीं थे। बावजूद भी, कर्तव्य का दुरुपयोग करते हुए और अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अपने हस्ताक्षर से लगभग 15-20 लोगों के मृत्यु प्रमाण-पत्र भी जारी किया है।

ईकेव्हाईसी व अन्य कार्यों में आ रही अड़चन

वर्तमान समय में लगभग बीते महीनों से वन विभाग के कर्मचारियों से साठ-गांठ करके फर्जी तरीके से मजदूरों का हाजिरी लगाकर लाखों रूपये प्रति सप्ताह एजेन्ट लगाकर निकाली और भक्षण की जाती है। जिससे ग्राम पंचायत के मजदूरों का जॉबकार्ड फुल हो जाते हैं और ग्राम पंचायत का जल गंगा तहत स्वीकृत कार्य को पूरा करने में कठिनाई होती है। बोलने पर सरपंच/सचिव को धमकाया जाता है। इनकी मनमानी व तानासाही करने के कारण सीईओ के निर्देशानुसार निर्देशानुसार सभी प्रकार के ईकेव्हाईसी एवं अन्य कार्य नहीं हो पा रहे हैं।

जांच बाद किया जाए पद से पृथक

शिकायतकर्ता सरपंच ने यह मांग की है कि, उक्त रोजगार सहायक के संबंध में की गई शिकायत के सभी बिन्दुओं की कराई जाए एवं सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की जाये। जिससे मुझ कम पढी लिखी महिला सरपंच एवं सचिव का मान-सम्मान बची रहे। इसके साथ ही आम जनता का काम भी समय से कराया जा सके और तानासाही, नेतागीरी एवं वाद-विवाद से निजात मिल सके।

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