एक महीने का समय बीत जानें के बाद भी नही हुई जॉच पूरी




शहडोल/ जयसिंहनगर। एक ओर जिला प्रशाशन के द्वारा जिला पंचायत शहडोल द्वारा जनपद पंचायत जयसिंहनगर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत कर्मचारियो को आदेशित किया जाता है की समस्त ग्राम पंचायतो में शासन के द्वारा ग्राम पंचायतो के विकास के लिए भारी भरकम राशि जारी किया जाता है लेकिन जनपद पंचायत जयसिंहनगर के अन्तर्गत आने वाले कुछ ग्राम पंचायतो में ग्राम पंचायत सचिवो की मनमानी अपने चरम सीमा में हैं जिससे वह अपने मनमानी तरीके से शासकीय राशि का उपयोग मनमानी तरीके से अपनी जेब भरने में कर रहे हैं और शासन को चूना लगाने का काम बखूबी तरीके से कर रहे हैं 

क्या है मामला

शहडोल जिले के अंतर्गत आने वाले जनपद पंचायत जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत घोरषा के वित्तीय प्रभार रोजगार सहायक मथुरा प्रसाद यादव के कारनामों की शिकायत ग्रामीण जनों ने लगभग एक महीने पूर्व जनपद पंचायत जयसिंहनगर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से की थी जिसपर मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा जांच समिति का गठन किया गया था जिसके फल स्वरुप जांच समिति ग्राम पंचायत घोरषा पहुंचकर आधी अधूरी जांच करके और मौका पंचनामा बनाकर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट प्रस्तुत करने की बात कही थी लेकिन उक्त जांच को लगभग एक महीने का समय बीच जाने के बाद भी आज दिनांक तक मथुरा प्रसाद यादव के कारनामों की फाइल आज भी  जनपद पंचायत जयसिंहनगर के पास धूल खाती हुई पड़ी हुई है जिससे साफ जाहिर होता है की जांच में हेरा फेरी करते हुए पूरे मामले को दबाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है 

जनपद पंचायत जयसिंहनगर के जिम्मेदारों का अलग-अलग बयान साफ़ ज़ाहिर करता हैं की ग्राम पंचायत घोरषा के वित्तीय प्रभार रोजगार सहायक मथुरा प्रसाद यादव को बचाने के लिए वह जांच को प्रभावित करने के लिए जनपद पंचायत जयसिंहनगर के जिम्मेदारों के द्वारा भरपूर प्रयास किया जा रहा है इसका ताजा उदाहरण यह है कि जब इस विषय को लेकर के जनपद पंचायत जयसिंहनगर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवानी जैन से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा बताया गया की जांच के आधार पर तैयार प्रतिवेदन को जिला पंचायत भेज दिया गया है और आगे की कार्यवाही के लिए जिला पंचायत से ही आदेश जारी होंगे  और वह हम उसका परिपालन करेंगे 

 लेकिन जब ग्राम पंचायत घोरषा के इस विषय के संबंध में जनपद पंचायत जयसिंहनगर के अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अनुराग निगम जी से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा बताया गया की जांच प्रतिवेदन रिपोर्ट तैयार है लेकिन अभी तक वह हमारे पास ही रखी हुई है हमने अभी तक उसको उच्च अधिकारियों के पास प्रेषित नहीं किया है क्योंकि अन्य कई कार्य होने के कारण इस विषय में देरी हो रही है 

अब इन दोनों बातों में यदि गौर किया जाए तो जिससे साफ प्रतीत होता है कि जनपद पंचायत जयसिंहनगर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी की भूमिका उक्त जांच में देरी के कारण पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और वित्तीय प्रभार रोजगार सहायक मथुरा प्रसाद यादव को अभय दान देने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है 

जांच के दौरान मथुरा प्रसाद अन्य भी आए थे सामने

 ग्राम पंचायत घोरषा के वित्तीय प्रभार रोजगार सहायक मथुरा प्रसाद यादव के कारनामों की शिकायत जब जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी के समक्ष हितग्राही के द्वारा किया गया तो उक्त विषय में जांच समिति का गठन किया गया जिसमें जब जांच समिति ग्राम पंचायत घोरसा पहुंची तो वहा पर उपस्थिति ग्रामीणों ने जॉच आधिकारी के समक्ष अपनी समस्या बताई की हमने लगभग 2 वर्ष पूर्व रोजगार सहायक मथुरा प्रसाद यादव को आईडी अलग करने के नाम पर 1500 रूपये के हिसाब से घूस के नाम पर पैसे दिए थे लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक न ही हमारा काम हुआ और न ही हमारे पैसे वापस किए हैं अब आप इस बात का अंदाजा लगा रहे हैं कि ग्राम पंचायत घर्स में वित्तीय प्रवाह रोजगार सहायक मथुरा प्रसाद की मनमानी एक तरफ जारी है जिसका शिकार भोले भाले ग्रामीणों को बनाया जा रहा है 

सबसे बड़ा सवाल

ग्राम पंचायत घर्स के रोजगार सहायक मथुरा प्रसाद यादव के कारनामों की शिकायत को लगभग 1 महीने से अधिक का समय बीत चुका है और जिम्मेदार अधिकारियों के अलग-अलग बयान यह सब जाहिर करते हैं कि उक्त विषय में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है अब सोचने वाली बात यह है कि क्या मथुरा प्रसाद के कारनामों की कोई ठोस जांच होगी व कड़ी कार्रवाई होगी यह अन्य मामलों की तरह भी यह विषय जनपद पंचायत जयसिंहनगर के स्टोर रूम में धूल खाती हुई जमा हो जाएगी!