शहडोल। कलेक्टर किसी भी जिले का राजा माना जाता है और कलेक्ट्रेट का द्वार, राजद्वार में गंदगी या अतिक्रमण किसी भी प्रकार से बर्दाश्त किए जाने योग्य नहीं है भले ही पूरा शहर या जिला गंदगी अथवा अतिक्रमण की चपेट में हो नगर पालिका शहडोल फिलहाल इसी फार्मूले के तहत कार्य कर रही है। पूरे शहर में किसी भी मार्ग पर जाएं जहां फुटपाथ बने हैं वहां फुटपाथ पर, जहां नहीं है वहां सड़क पर बड़े-बड़े व्यापारियों ने कब्जा कर रखा है, दुकानें सजी हुई हैं उन पर कार्यवाही करने में नगर पालिका के अतिक्रमण विरोधी उड़न दस्ते के पसीने छूट जाते हैं जबकि कलेक्ट्रेट के सामने जय स्तंभ चौराहे पर फुटपाथ पर 100-50 रुपये की सब्जी, मूंगफली या सिंघाड़ा आदि दुकान दार लाकर घंटे दो घंटे बेचने और रुपए, दो रुपए का मुनाफा कमाने वाले व्यापारियों को सख्तीपूर्वक हटाने में नगर पालिका कर्मचारी या उड़नदस्ते को बिल्कुल भी समय नहीं लगता है। नगर पालिका का यह फार्मूला इन दिनों जन चर्चा का विषय बना हुआ है। नगर पालिका के छोटे अग्नि शमन वाहन में लाउड स्पीकर लगाकर मुनादी करते हुए आए दिन कलेक्ट्रेट के सामने फुटपाथ पर ग्रामीण अंचलों से आने वाले गरीब फुटकर व्यापारियों को बड़ी सख्ती से हटाए जाने का सिलसिला एक लंबे समय से चल रहा है उक्त वाहन जिसमें नगर पालिका के चार-पांच कर्मचारी विराजमान रहते हैं और जयस्तंभ चौक पहुंच लाउड स्पीकर से घोषणा करते हुए फुटपाथ या उसके समीप बैठे गांव से आए फुटकर व्यापारियों को अतिक्रमण के नाम पर हटाने लगते नगर पालिका के इस उड़नदस्ते द्वारा अतिक्रमण हटाने के नाम पर की जा रही इस कार्यवाही को देखकर लोगों ने सहानुभूति जताई वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े कुछ साथियों ने मौके पर पहुंचकर नगर पालिका के कार्यवाही दल से तत्काल यह कार्यवाही रोकने और इनके बजाय शहर के विभिन्न हिस्सों में फुटपाथों को निगल जाने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। जिन्होंने फुटपाथ और सड़क पर एक लंबे अरसे से अपनी दुकान फैला कर कब्जा कर रखा है।
गौर तलब है कि शहर के सभी मुख्य मार्गों एवं सह मार्गों में बड़ी तेजी के साथ अतिक्रमण का जाल फैला है। जय स्तंभ चौक से लेकर रेलवे स्टेशन तक और गांधी चौक से लेकर लल्लूसिंह चौक तक फुटपाथ पर व्यापारियों ने अपनी दुकानें जमा रखी हैं। ऐसी कई दुकानें और बड़े व्यापारी हैं जिन्होंने फुटपाथ को ही अपनी दुकान बना रखा है। इन व्यापारियों और अवैध कब्जे धारियों के खिलाफ न तो नगर पालिका द्वारा कोई कार्यवाही की जाती और न ही यातायात पुलिस के द्वारा सिर्फ गरीब फुटकर व्यापारियों, जो कुछ घंटे बैठकर चंद रुपए कमाने की कोशिश करते हैं उन्हें ही बेदखल कर नगर पालिका एवं यातायात विभाग के कर्मचारी अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रहे हैं।
नगर सौंदर्यीकरण अभियान के तहत नगर पालिका द्वारा मॉडल रोड का निर्माण किया गया है। जय स्तंभ चौक से लेकर गांधी चौक और गांधी चौक से लेकर लल्लू सिंह चौक तक मॉडल रोड बनाई गई है।मॉडल रोड में सड़क के मध्य डिवाइडर और दोनों किनारों पर नाली के ऊपर फुटपाथ का निर्माण करवाया गया है। फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए है लेकिन फुटपाथ पर लोगों को चलने का अवसर ही नहीं मिला। सड़क के किनारे स्थित दुकान संचालकों द्वारा अपनी दुकान का सारा सामान फुटपाथ पर सजा दिए जाने से फुटपाथ की उपयोगिता ही समाप्त हो गई है। दुकानें सज जाने और अतिक्रमण हो जाने के कारण फुटपाथ लगभग गायब ही हो चुके हैं। गांधी चौक के आसपास की दुकानों के साथ ही राजेंद्र टॉकीज के सामने फुटपाथ पर पूरी की पूरी दुकानें सजी मिल जाएंगी इसके अलावा स्टेशन रोड, सब्जी मंडी रोड, पंचायती मंदिर रोड, इन स्थानों पर सड़क के किनारे व्यापारियों ने अपनी दुकान के बाहर जो दुकान सजा लिया है उससे आवागमन पर विपरीत असर पड़ता है, बावजूद इसके नगर पालिका और यातायात विभाग को कोई फर्क नहीं पड़ता है। सवाल यह उठता है कि क्या सारे नियम कायदे गरीबों के लिए ही है अमीर इससे कब तक अछूते रहेंगे।
नगर पालिका की उड़न दस्ता टीम द्वारा गरीब फूट कर व्यापारियों को हटाए जाने के दौरान जब मीडिया कर्मियों ने सीएमओ अक्षत बुंदेला को फोन कर उनसे कार्यवाही के संबंध में चर्चा की तो उन्होंने कहा कि बड़े व्यापारियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी और उन्होंने उड़न दस्ता दल के लोगों को फुटकर व्यापारियों की ओर रवाना होने का मौखिक आदेश दे दिया।

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